OCD (Obsessive Compulsive Disorder) ek mansik samasya hai jisme vyakti ko baar-baar anchahe vichaar aate hain aur unse rahat paane ke liye woh kuch kaam baar-baar karta hai. Yeh anxiety se judi bimari hai jo sahi treatment se control ho sakti hai.
OCD का पूरा नाम है Obsessive Compulsive Disorder /OCD जिसे की हिंदी में मनोग्रसित बाध्यता विकार कहते है | यह एक सामान्य बीमारी है और लगभग 1 से 3% लोगों में यह बीमारी पायी जाती है |
बहुत से लोग जिन्हें यह बीमारी होती है उन्हें यह पता भी नहीं होता है की उन्हें कोई बीमारी है इस कारन ही लम्बे समय तक परेशान रहने के बाद भी वो इसका इलाज नहीं ले पाते है |
आज के इस Blog में OCD से सबंधित सभी सवालों जैसे OCD क्या है, OCD कितने प्रकार के होते है, OCD के लक्षण और OCD पर कैसे काबू पाएं की पूरी जानकारी मिलेगी |
OCD Kya Hai? OCD के बारे मे सम्पूर्ण जानकारी

OCD के इलाज के बारे में जानने से पहले यह जानना जरुरी है की OCD Kya Hai | Obsessive Compulsive Disorder/ OCD kya hai यह जानने के लिए लिया अगर आप इसके शब्दों पर ध्यान दे तो इससे आपको इस बीमारी के बारे में अच्छे से पता चल जाता है |
इसका पहला शब्द है Obsession | Obession से मतलब है जूनून यानि की कोई भी ऐसा विचार या चित्र आपके दिमाग में बार बार आता है | OCD की स्थिति में इन बार बार आने वाले विचारों के कारण घबराहट होने लगती है | इन विचारों को आप चाह कर भी नहीं रोक पाते है | इन बार बार आने वाले विचारों के कारन डर और तनाव होने लगता है |
इसके Reaction में वह व्यक्ति Action करता है जिसे की compulsion कहते है | जैसे की व्यक्ति को लगता है की उसके हाथ गंदे है या उसका शरीर गन्दा हो गया है तो वह बार बार हाथ धोता रहता है या नहाता रहता है | इसके अलावा किसी को लगता है की वह कुछ भूल गया है तो वह चीजों को बार बार चेक करने लगता है | जैसे की गेट लॉक करना , गैस सिलेंडर चेक करना आदि |
OCD क्यों होती है ? ( Why Does OCD Occur? )
दिमाग में विचारों का आना सामान्य है विचार कैसे भी हो सकते है | इस तरह के डर या नकारात्मक विचार भी सभी को आते है लेकिन सामान्यतः अधिकांश लोग इनको Ignore कर पाते है लेकिन OCD के मरीजों को इस तरह के विचार बार बार आते है और वे इन विचारों को Ignore नहीं कर पाते है |
हमारे दिमाग में कई तरह के रसायन होते है जिनमें से एक रसायन होता है सिरोटोनिन | कुछ रिसर्च में यह पाया गया है की जब दिमाग में सिरोटोनिन के लेवल कम हो जाते है तो इसकी वजह से OCD की सम्भावना बढ़ जाती है |
OCD के प्रकार / Types of OCD in Hindi

1. गंदगी और संदूषण ( Dirt and Contamination)
OCD का यह सबसे सामान्य प्रकार है जो अधिकांश मामलों में पाया जाता है यह गंदगी से जुड़ा है जिसमें मरीज को लगता है की उसके हाथ गंदे हो गया है या वह खुद गन्दा हो गया है | इसलिए action के रूप में वह बार बार हाथ धोता है या नहाता है |
इसके अलावा उसको लगता है की वह जो चीजें बाहर से लाया है उनमें वायरस या गंदगी ना रह जाये इसलिए वह उन वस्तुओं को भी धोने लगता है | यह Action वो बार बार करता है और उसमें उसे बिलकुल भी enjoy नहीं मिलता है |
2. पैथोलॉजिकल संदेह ( Pathological Doubt )
OCD के Pathological Doubt के प्रकार में व्यक्ति को अपने act पर संदेह होने लगता है वह चीजों को बार बार चेक करने लगता है | जैसे की उसने घर का दरवाजा, कार का दरवाजा बंद किया है या नहीं, गैस की नोब बंद की है या नहीं वह उन्हें बार बार चेक करने लगता है |
उसे लगता है पता नहीं कार के ब्रेक ठीक है नहीं इसलिए वह इसे बार बार चेक करता है | जिससे उसके सामान्य जीवन पर इसका प्रभाव पड़ता है |
3. समरूपता की आवश्यकता ( Need for Symmetry )
कई बार व्यक्ति वस्तुओं को अलग अलग से रखने में भी उनका अलग अलग कोण से रखने लगता है | उनकी स्थितियों को बदलता रहता है | एक दो बार करना सामान्य है लेकिन अगर वह उसे बार बार कर रहा है तो यह ocd में गिना जाता है |
4. Relationship OCD
अक्सर हम देखते हैं कि कुछ लोग बिना किसी ठोस वजह के अपने पार्टनर पर शक करने लगते हैं, उनके साथ सही व्यवहार नहीं कर पाते और बार-बार यह सोचते हैं कि उनका रिश्ता सही है या नहीं। इसे रिलेशनशिप OCD कहा जाता है।
5. Health OCD
अपनी सेहत को लेकर सतर्क रहना जरूरी है, लेकिन जब यह चिंता हर वक्त बनी रहे और रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करने लगे, तो यह हेल्थ OCD हो सकता है। इस OCD में व्यक्ति को हमेशा लगता है कि वह किसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त है, भले ही उनकी medical reports normal हों।
5. आक्रामक, अजीब और निषिद्ध विचार
इस तरह के OCD में व्यक्ति को कुछ ऐसे ख्याल आने लगते है जिन्हे की वह बिलकुल भी नहीं चाहता है और उन विचारों के आने से उसे बुरा महसूस होता है | ये विचार भगवान को लेकर भी गलत तरह के ख्याल या सेक्सुअल ख्याल हो सकते है, या परिवार के मेंबर्स को लेकर भी गलत या सेक्सुअल ख्याल हो सकते है |
ये विचार उसे जब भी आते है तो उसे बुरा महसूस होता है | इसके अलावा कई बार उसे लगता है की भगवान उस पर नाराज ना हो जाये उसके साथ कुछ बुरा ना हो जाये ऐसे ख्याल भी उस व्यक्ति के मन में आने लगते है |
OCD के लक्षण ( Symptoms of OCD )

1. बार बार हाथ धोना –
ऐसी स्थिति में मरीज को लगता है की उसके हाथ गंदे है और वह बार बार जाकर उन्हें धोता है | कई व्यक्तियों के साथ यह स्थिति बिगड़ जाती है की उन्हें कुछ कुछ मिनिट के बाद हाथ धोने लगते है |
2. बार बार नहाना –
इस स्थिति में व्यक्ति को लगता है की उसे गंदगी लग गयी है इसलिए उसे साफ़ करने के लिए वह बार बार नहाता है | कुछ मामलों में अगर वह डस्टबिन के पास से गुजरा है तो भी वह घर जाकर नहाता है | कोई व्यक्ति घंटो तक नहाता रहता है यह भी समस्या देखने में आ सकती है |
3. एक ही काम को बार बार करना –
इस स्थित में व्यक्ति जैसे बाल बनाना, तैयार होना इसमें बहुत समय लगाता है | तैयार होना सामान्य है लेकिन अगर कोई व्यक्ति खुश नहीं है परेशान है इसके बावजूद उसे यह काम बार बार करना पड़ रहा है तो यह OCD का लक्षण है |
4. चीजों को बार बार चेक करना –
इसमें व्यक्ति को कई तरह के doubt रहने लगते है | उसे लगता है की पता नहीं मैंने डोर सही से लॉक किया है या नहीं, या गाड़ी बंद की है या नहीं, कार का डोर लॉक किया है या नहीं, गैस की नॉब बंद की है या नहीं | ऐसे में वह उसे बार बार चेक करने लगता है |
5. चीजों को धो देना –
ऐसे में व्यक्ति को लगता है की बाहर से आने वाली चीजों में कोई कीटाणु या बैक्टीरिया ना हो इसलिए वे उसे बार बार धोने लगते है| कुछ लोग तो अपने फोन और इलेक्ट्रॉनिक्स गैजेट, पेपर तक धो देते है तो यह भी OCD का एक लक्षण है |
OCD पर कैसे काबू पाएं ( How to Overcome From OCD)

समस्या को जितना सही समय पर दिखाया जाये उसके उपचार में उतनी आसानी होती है और समय कम लगता है | OCD के उपचार में समग्र उपचार काम करता है | इसमें दवाइयों के साथ ही सही कॉउंसलिंग की जरुरत होती है | इसके लिए SSRIs दवाइयां दी जाती है जो की सिरोटोनिन के लेवल को बढाती है |
सिरोटोनिन के बढ़ने से OCD की समस्या को दूर करने में मदद मिलती है | इसके अलावा anxiety को कम करने के लिए कुछ Short Term दवाइयां भी दी जा सकती है जो की त्वरित रूप से राहत देती है | लेकिन ये दवाइयां डॉक्टर के परामर्श से ही लेनी चाहिए |
OCD के उपचार में ही कॉउंसलिंग बहुत ही जरुरी होती है | इसमें साइकोलॉजिस्ट व्यक्ति की समस्या को समझते है उसे किस टाइप का OCD है यह जानने की कोशिश करते है | इसमें साइकोलॉजिस्ट साइकोथेरेपी के द्वारा पहले पेशेंट के उन विचारों की एक लिस्ट बनांते है फिर एक एक करके उन पर पेशेंट और डॉक्टर्स वर्क करते है की किस तरह उन विचारों पर आपको काम करना है |
OCD का उपचार एक लम्बी उपचार प्रक्रिया है | क्योंकि कोई भी OCD पेशेंट इस समस्या से लम्बे समय तक जूझने के बाद ही डॉक्टर के पास पहुँचता है | ऐसे में इसके उपचार में भी समय लगता है | सामान्यतः 1 से 2 वर्ष में यह समस्या ठीक हो जाती है |
Conclusion
यदि आप भी OCD की समस्या से परेशान है तो डॉ संजय जैन से परामर्श लेकर आप अपनी OCD की समस्या को दूर कर सकते है |
डॉ संजय जैन साइकोलॉजिस्ट है जिनसे ईलाज पाकर लम्बे समय से OCD की समस्या से जूझ रहे लोग आज सामान्य जीवन जी पा रहे है | हर मरीज की समस्या एक सी नहीं होती है अलग अलग मरीज अलग अलग तरह के OCD की समस्या से परेशान होता है ऐसे में पेशेंट की समस्या का सही आकलन करना उसे सही दवाइयों का परामर्श देकर कॉउंसलिंग के द्वारा उपचार देना डॉ संजय जैन की खासियत है |
तो अपनी OCD की समस्या का उपचार चाहते है तो देर ना करें और डॉ संजय जैन से उपचार लेकर सामान्य जीवन की और कदम बढ़ाएं |
FAQ: OCD Kya Hai?
OCD क्या है ?
OCD कितने प्रकार की होती है ?
OCD कितने प्रकार की होती है ?
1. गंदगी और प्रदूषण से जुडी हुई
2. संदेह होना, चीजों को बार बार चेक करना
3. वस्तुओं की स्थिति को ठीक करने से सबंधित
4. आक्रामक, अजीब और निषिद्ध विचार



