ओसीडी के लक्षण और उपचार – डॉ. संजय जैन

OCD ke Lakshan Aur Upchar

मनोग्रसित-बाध्यता विकार (Obsessive-Compulsive Disorder) से ग्रसित लोग एक ही काम को बार-बार करते रहते है।

इस विकार से ग्रसित व्यक्ति जो भी काम प्रायः करते हैं, वे ये हैं- बार-बार हाथ धोना, बार-बार वस्तुओं को गिनना, बार-बार फ़ोन को जेब से निकाल कर देखना की किसका कॉल आ रहा है, बार-बार जाकर देखना कि दरवाजा बन्द है कि नहीं। 

ये सब काम वो इतनी बार करता है कि उसका दैनिक जीवन का बहुत सारा हिस्सा इन्ही कामों में चला जाता है और इस से दैनिक जीवन भी प्रभावित होने लगता है।

इस लेख में, हम OCD Ke Lakshan Aur Upchar के तरीके बताएंगे, ताकि आप या आपका प्रियजन इसे बेहतर तरीके से निपट सकें।

ओसीडी के लक्षण और उपचार

ओसीडी (OCD) क्या होता है?

ओसीडी यानी ऑब्सेसिव-कम्पल्सिव डिसऑर्डर एक मानसिक विकार है जिसमें व्यक्ति को बार-बार अवांछित और परेशान करने वाले विचार (obsessions) आते हैं। इन विचारों से राहत पाने के लिए वह बार-बार कुछ खास व्यवहार या क्रियाएं (compulsions) करता है। उदाहरण के तौर पर, बार-बार हाथ धोना, ताले चेक करना, चीजों को एक निश्चित क्रम में जमाना आदि। यह सिर्फ एक आदत नहीं, बल्कि एक गंभीर मानसिक स्थिति है जो व्यक्ति के दैनिक जीवन को प्रभावित कर सकती है। ओसीडी का इलाज संभव है, जैसे कि काउंसलिंग (CBT), दवाइयाँ और मनोवैज्ञानिक सहायता से इसे नियंत्रित किया जा सकता है।

ओसीडी के लक्षण और उपचार (OCD Ke Lakshan Aur Upchar)

ओसीडी के दो मुख्य लक्षण होते हैं: ऑब्सेसिव विचार (बार-बार आने वाले विचार) और कंपल्सिव क्रियाएं (बार-बार दोहराए जाने वाले काम)। आइए इन्हें विस्तार से समझते हैं:

ऑब्सेसिव(Obsession) विचार (बार-बार आने वाले विचार):

  • गंदगी और संक्रमण का डर: व्यक्ति को हमेशा डर रहता है कि कहीं वह गंदा या संक्रमित न हो जाए। इसलिए वह बार-बार हाथ धोता है या सफाई करता है।
  • संदेह: व्यक्ति को हमेशा संदेह रहता है कि उसने कुछ गलत किया है या कुछ बुरा होने वाला है। जैसे, वह बार-बार दरवाजा चेक करता है कि कहीं खुला तो नहीं रह गया।
  • हिंसक या अनचाहे विचार: व्यक्ति के दिमाग में बार-बार हिंसक या अवांछित विचार आते हैं, जो उसे बहुत परेशान करते हैं।
  • परफेक्शन का दबाव: व्यक्ति को हर काम एकदम सही करने की आदत होती है। जैसे, चीजों को एक खास तरीके से सजाना।

कंपल्सिव(Compulsive) क्रियाएं (बार-बार दोहराए जाने वाले काम):

  • बार-बार हाथ धोना या सफाई करना: व्यक्ति कई बार हाथ धोता है, नहाता है या अपने आसपास की सफाई करता रहता है।
  • बार-बार चीजों को जांचना: व्यक्ति बार-बार दरवाजे, गैस, ताले आदि को जांचता है।
  • गिनती करना या चीजों को व्यवस्थित करना: व्यक्ति चीजों को एक खास तरीके से सजाता है या बार-बार गिनता है।
  • धार्मिक या अन्य रीति-रिवाजों का पालन: व्यक्ति बार-बार प्रार्थना करता है या धार्मिक रिवाजों का पालन करता है।

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ओसीडी के कारण (OCD Ke Karan)

ओसीडी के सही कारणों का पता नहीं चल पाया है, लेकिन इसमें कई कारक शामिल हो सकते हैं:

  1. जैविक कारण (Biological Causes): मस्तिष्क में सेरोटोनिन नामक रसायन का असंतुलन।
  2. आनुवंशिक कारण (Genetic Causes): अगर परिवार में किसी को ओसीडी है तो इसकी संभावना बढ़ जाती है।
  3. पर्यावरणीय कारण (Environmental Causes): बचपन में किसी बड़े तनाव या आघात का अनुभव।

ओसीडी का निदान (Diagnosis of OCD)

ओसीडी का निदान (Diagnosis of OCD)

ओसीडी का निदान एक योग्य मनोचिकित्सक या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ द्वारा किया जाता है। इसमें व्यक्ति के लक्षणों और उसके विचारों और व्यवहारों का गहन विश्लेषण किया जाता है।

डॉ. संजय जैन, जयपुर के एक अनुभवी मनोचिकित्सक हैं, जिन्होंने कई मरीजों का सफलतापूर्वक निदान और उपचार किया है।

ओसीडी का उपचार (OCD Ke Upchar)

ओसीडी का उपचार संभव है और इसके लिए विभिन्न तरीकों का उपयोग किया जाता है:

दवाएं:

  • एंटीडिप्रेसेंट्स (Antidepressants): ये दवाएं मस्तिष्क में सेरोटोनिन के स्तर को बढ़ाकर ओसीडी के लक्षणों को कम करती हैं।
  • एंटियान्जायटी दवाएं (Antianxiety Medications): ये दवाएं चिंता को कम करने में मदद करती हैं।

डॉ. संजय जैन का मानना है कि सही दवा और डोज़ के चयन के लिए मरीज का पूरा सहयोग आवश्यक है। वे अपने मरीजों को उनकी आवश्यकताओं के अनुसार सही उपचार प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

मनोचिकित्सा (Therapy):

  • सीबीटी (कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी): यह थेरेपी व्यक्ति को अपने विचारों और व्यवहार को समझने और बदलने में मदद करती है।
  • ईआरपी (एक्सपोजर एंड रिस्पॉन्स प्रिवेंशन): इस थेरेपी में व्यक्ति को धीरे-धीरे उन स्थितियों का सामना कराया जाता है जिनसे वह डरता है और उसे उसकी आदतें बदलने की सीख दी जाती है।

जीवनशैली में बदलाव:

  • नियमित व्यायाम: शारीरिक गतिविधि मानसिक स्वास्थ्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण होती है। यह तनाव को कम करने में मदद करती है।
  • सही आहार: संतुलित आहार और सही पोषण मानसिक स्वास्थ्य को सुधारने में सहायक होते हैं।
  • पर्याप्त नींद: अच्छी नींद मानसिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह मस्तिष्क को आराम देने और विचारों को स्थिर करने में मदद करती है।

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निष्कर्ष: (OCD Ke Lakshan Aur Upchar)

ओसीडी एक गंभीर मानसिक विकार है, लेकिन सही उपचार और देखभाल से इसे नियंत्रित किया जा सकता है।

डॉ. संजय जैन, जो जयपुर के प्रसिद्ध मनोचिकित्सक हैं, अपने मरीजों को सर्वोत्तम उपचार प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

यदि आप या आपका कोई प्रियजन ओसीडी के लक्षणों का अनुभव कर रहा है, तो बिना किसी हिचकिचाहट के विशेषज्ञ की सलाह लें। सही उपचार से जीवन में सकारात्मक बदलाव संभव है।

Dr Sanjay Jain

Dr. Sanjay Jain is a highly experienced psychiatrist based in Jaipur, India, with over 13 years of expertise in mental health. He holds an MD in Psychiatry from SMS Medical College & Hospital, Jaipur, and has further enhanced his qualifications with certifications such as NLE (Pennsylvania, USA), CRA (Singapore), and PGCPS. Dr. Jain is renowned for his global contributions to mental health research. He adopts a holistic approach to treatment, combining medication with patient education and collaboration to create personalized and effective treatment plans.

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